गांव देख रहा है
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गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
कभी पानी के लिए
कभी खाने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
कभी हवा के लिए
कभी दाने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
कभी मिट्टी के लिए
कभी बजरी के लिए
गांव देख रहा है
शहर आ उसकी ओर आ रहा है
उसे नोंचने के लिए
उसे खाने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
धुआँ उड़ाते हुए
जहर उगलते हुए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
जंगल मिटाने के लिए
पेड़ काटने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
नहर का गला घोंटने
नदी का रास्ता रोकने
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
संकर बीज खपाने के लिए
दवा का जहर पिलाने के लिए
गांव देख रहा है
गांव देख रहा है
पहले खुश होता था
अब हर पल रोता है
शहर से पीछा छुड़ाने के लिए
दूर कहीं जाने के लिए
गांव देख रहा है
बस गांव देख रहा है
सरदार
23.08.2019
प्रेमपुरा
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गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
कभी पानी के लिए
कभी खाने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
कभी हवा के लिए
कभी दाने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
कभी मिट्टी के लिए
कभी बजरी के लिए
गांव देख रहा है
शहर आ उसकी ओर आ रहा है
उसे नोंचने के लिए
उसे खाने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
धुआँ उड़ाते हुए
जहर उगलते हुए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
जंगल मिटाने के लिए
पेड़ काटने के लिए
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
नहर का गला घोंटने
नदी का रास्ता रोकने
गांव देख रहा है
शहर उसकी ओर आ रहा है
संकर बीज खपाने के लिए
दवा का जहर पिलाने के लिए
गांव देख रहा है
गांव देख रहा है
पहले खुश होता था
अब हर पल रोता है
शहर से पीछा छुड़ाने के लिए
दूर कहीं जाने के लिए
गांव देख रहा है
बस गांव देख रहा है
सरदार
23.08.2019
प्रेमपुरा

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