Thursday, February 28, 2019

चलो युद्ध करो

तुम डाल डाल
हम पात पात
चलो युद्ध करो
मुझे चुकाना कर्ज
तुम देना वोट
चलो युद्ध करो
मैं हूं गुलाम
बिक चुका तमाम
चलो युद्ध करो
कर लाखों करार
हो जाऊं फरार
चलो युद्ध करो
सिर पर आए चुनाव
नहीं मुझको वक्त
चलो युद्ध करो
तुम कटो मरो
चाहे जो भी हो
चलो युद्ध करो

Wednesday, February 27, 2019

जंगल के हालात

वह अपने घरों को
रंगवा रहे हैं
अपने मन पर रंगे रंगों से
किसी ने दीवारों पर
जंगल के गीत लिखे हैं
किसी ने छापे हैं
जंगल के लुटेरों की आकृति

ऐसे ही एक घर की
घायल दीवार पर
बनाया है उन्होंने
मृत जंगल से भरा ट्रक और
जमीन खोदता पोकलेन
और बता रहा है पीड़ा
उस लाल जमीन की जिसे
और भी लाल कर दिया है
हुकूमत और लाल निशान ने

एक आदिवासी लड़का
लिख रहा था
मुल्क की सबसे बड़ी कचहरी
का न्याय
आदिवासियों के अधिकारों की ईबारतें
क्यों कि
उसने पढ़ लिया है उस शीर्षस्थ कचहरी का
वह खूनी न्याय
कि यह जंगल और जमीन
अब नहीं है तुम्हारा

वह जमीन जहां
उसके पुरखे जन्में
और मिल गए उसी में समय के बहाव में
जो छीन ली जाएगी उनसे
यह कहकर कि
तुम नहीं साबित कर पाए
इस पर अपना अधिकार
अपने पुरखों का इतिहास

वह रंग रहे हैं
घरों की दीवारों को
दिखाना चाहते हैं
अंधी दुनिया को
अपने घाव, कि
यह जंगल और जमीन
हमारा है
हमारे पुरखों ने सींचा है
इसे
अपने खून से

©सरदार

Thursday, February 21, 2019

जंगल का कानून

उन्होंने कमर कस ली है
प्रकृति को उजाड़ने की

प्रकृति को उजाड़ने के लिए ही
एक किताब लिखी
किताब के पन्ने भी
बांस की लकड़ी से बनी लुग्दी के थे

उन्होंनें कलम चलाकर
किताब में कुछ अध्याय लिख दिए
कमाल देखिए, कलम भी
लकड़ी की बनी थी

कलम में जो स्याही थी
वह भी उन्होंने नील के पौधे से उधार ली थी
यह कहकर की हम
तुम्हारे हित के लिए नियम बनाएंगे

नील के पौधे ने सहर्ष
दे दिया अपना सब कुछ
यह सोचकर की इससे
उसका और उसके जैसों का हित होगा

इंसान ने नील को कूटकर
उसका रस निकाला
बांस को कूटकर कागज बनाया
और लिख दिया जंगल का कानून

अब जंगल में जो भी होगा
किताब में लिखे अनुसार होगा
पेड़ उगेंगे तो मानने होंगे उन्हें
इंसान के बनाए जंगल के कानून

इंसान जो इन जंगलों के दिए
अन्न हवा और जल से पले बढ़े
आज खत्म कर देना चाहते हैं
इन जंगल और इसमें रहने वाले जीवों को

जंगल का कानून
जंगल से निकले कागज और स्याही से
जंगल के लिए ही नियम बना दिया
जीना है हमारी शर्तों से मरना है हमारी शर्तों से

बांस और नील चुप हैं
स्तब्ध हैं इंसान की चालाकी से
कैसे उसने ठग लिया उसके भोलेपन को
सांस लेना भी मुश्किल कर दिया उनका

यह जंगल का कानून है
जिसे जंगल ने नहीं
इंसान ने बनाया है
जंगल को इंसान जैसा बनाने के लिए