अपने में कड़वाहट समेटे
मैं मिठास
घोलना चाहता हूँ
इस दुनिया के
जीवन में!
मैनें
अपना सर धुप में
खुला रखकर
तुम सबको
छांव दी है
कड़वाहट के रूप में
रोगों से लड़ने की
ताकत दी है!
मुझे बढ़ने दो
पनपने से मत रोको
भले ही मैं नीम हूँ
पर तुम्हारे जीवन में
मुझसे कोई
कड़वाहट नहीं होगी।
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