Saturday, April 24, 2021

नीम

अपने में कड़वाहट समेटे

मैं मिठास

घोलना चाहता हूँ

इस दुनिया के

जीवन में! 

मैनें 

अपना सर धुप में

खुला रखकर 

तुम सबको

छांव दी है

कड़वाहट के रूप में 

रोगों से लड़ने की

ताकत दी है! 

मुझे बढ़ने दो

पनपने से मत रोको 

भले ही मैं नीम हूँ 

पर तुम्हारे जीवन में 

मुझसे कोई 

कड़वाहट नहीं होगी। 


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