मैं पहाड़ के
छलनी होते, रोंद दिये गये
सीने से उड़ती धूल हूं
तुमने उजाड़ दिया मेरा घर
फिर भी ओ मेरी अस्मत के सौदागर
तुमको मेरा जोहार रहेगा।
सीने से उड़ती धूल हूं
तुमने उजाड़ दिया मेरा घर
फिर भी ओ मेरी अस्मत के सौदागर
तुमको मेरा जोहार रहेगा।
मैं उड़ रही हूं
क्योंकि
जिस पत्थर ने मुझे
लगा रखा था अपने सीने से
उसे उपाड़ लिया है तुमने
फिर भी तुमको मेरा
जोहार रहेगा
क्योंकि
जिस पत्थर ने मुझे
लगा रखा था अपने सीने से
उसे उपाड़ लिया है तुमने
फिर भी तुमको मेरा
जोहार रहेगा
तुम अपनी जेबों में भरकर
जंगल से उधार लिये
कागज के टुकड़ों को
मुझे उड़ा रहे हो
और मैं बनकर एक गुबार
कहीं दूर चली जा रही हूँ
अपने घर से
फिर भी तुमको मेरा
जोहार रहेगा
जंगल से उधार लिये
कागज के टुकड़ों को
मुझे उड़ा रहे हो
और मैं बनकर एक गुबार
कहीं दूर चली जा रही हूँ
अपने घर से
फिर भी तुमको मेरा
जोहार रहेगा
तुमको सबको दिखाने के लिए
जोहार बोलते हो
और गले लगकर डूंगर की
पीठ में घुसेड़ कर खंजर
उसे रोज मारते हो
फिर भी तुमको मेरा
जोहार रहेगा
जोहार बोलते हो
और गले लगकर डूंगर की
पीठ में घुसेड़ कर खंजर
उसे रोज मारते हो
फिर भी तुमको मेरा
जोहार रहेगा
तुम डकार गए सारे डूंगर को
आदिवासियत को मारकर ठोकर
और कर दिए टुकड़े टुकड़े
फिर भी क्रेशर के मुंह में
दहाड़ रहे भाटों का
तुमको जोहार रहेगा
आदिवासियत को मारकर ठोकर
और कर दिए टुकड़े टुकड़े
फिर भी क्रेशर के मुंह में
दहाड़ रहे भाटों का
तुमको जोहार रहेगा
तुमको कोई रोके तो
कहते हो
खरीद लिया है तुमने यह डूंगर
पैसों के लिये बिक गए थे
तुम जैसे वह सब
और सारे जज्बात तुम्हारे
फिर उजड़े डूंगर का
तुमको जोहार रहेगा
कहते हो
खरीद लिया है तुमने यह डूंगर
पैसों के लिये बिक गए थे
तुम जैसे वह सब
और सारे जज्बात तुम्हारे
फिर उजड़े डूंगर का
तुमको जोहार रहेगा
हर पल की मौत के आगे
लज्जित से होते हैं सब
जब पान की पीक थूंककर
जोहार बोलते हो तुम तो
तुम थूक कर हम सब पर
आगे को बढ़ जाते हो
फिर भी हम सबका
तुमको जोहार रहेगा
लज्जित से होते हैं सब
जब पान की पीक थूंककर
जोहार बोलते हो तुम तो
तुम थूक कर हम सब पर
आगे को बढ़ जाते हो
फिर भी हम सबका
तुमको जोहार रहेगा
मैं उडूंगी और देखूंगी
वह छोटे छोटे लाश के टुकडे़
देखें कहां ले जाते हो ढोकर
और कर लूंगी उनका आलिंगन
रूंधे गले से रोज लिपटकर
फिर भी तुम जैसों को मेरा
मरकर भी जोहार रहेगा।
वह छोटे छोटे लाश के टुकडे़
देखें कहां ले जाते हो ढोकर
और कर लूंगी उनका आलिंगन
रूंधे गले से रोज लिपटकर
फिर भी तुम जैसों को मेरा
मरकर भी जोहार रहेगा।
सरदार
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