उन्होंने कमर कस ली है
प्रकृति को उजाड़ने की
प्रकृति को उजाड़ने के लिए ही
एक किताब लिखी
किताब के पन्ने भी
बांस की लकड़ी से बनी लुग्दी के थे
उन्होंनें कलम चलाकर
किताब में कुछ अध्याय लिख दिए
कमाल देखिए, कलम भी
लकड़ी की बनी थी
कलम में जो स्याही थी
वह भी उन्होंने नील के पौधे से उधार ली थी
यह कहकर की हम
तुम्हारे हित के लिए नियम बनाएंगे
नील के पौधे ने सहर्ष
दे दिया अपना सब कुछ
यह सोचकर की इससे
उसका और उसके जैसों का हित होगा
इंसान ने नील को कूटकर
उसका रस निकाला
बांस को कूटकर कागज बनाया
और लिख दिया जंगल का कानून
अब जंगल में जो भी होगा
किताब में लिखे अनुसार होगा
पेड़ उगेंगे तो मानने होंगे उन्हें
इंसान के बनाए जंगल के कानून
इंसान जो इन जंगलों के दिए
अन्न हवा और जल से पले बढ़े
आज खत्म कर देना चाहते हैं
इन जंगल और इसमें रहने वाले जीवों को
जंगल का कानून
जंगल से निकले कागज और स्याही से
जंगल के लिए ही नियम बना दिया
जीना है हमारी शर्तों से मरना है हमारी शर्तों से
बांस और नील चुप हैं
स्तब्ध हैं इंसान की चालाकी से
कैसे उसने ठग लिया उसके भोलेपन को
सांस लेना भी मुश्किल कर दिया उनका
यह जंगल का कानून है
जिसे जंगल ने नहीं
इंसान ने बनाया है
जंगल को इंसान जैसा बनाने के लिए
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