वह अपने घरों को
रंगवा रहे हैं
अपने मन पर रंगे रंगों से
किसी ने दीवारों पर
जंगल के गीत लिखे हैं
किसी ने छापे हैं
जंगल के लुटेरों की आकृति
ऐसे ही एक घर की
घायल दीवार पर
बनाया है उन्होंने
मृत जंगल से भरा ट्रक और
जमीन खोदता पोकलेन
और बता रहा है पीड़ा
उस लाल जमीन की जिसे
और भी लाल कर दिया है
हुकूमत और लाल निशान ने
एक आदिवासी लड़का
लिख रहा था
मुल्क की सबसे बड़ी कचहरी
का न्याय
आदिवासियों के अधिकारों की ईबारतें
क्यों कि
उसने पढ़ लिया है उस शीर्षस्थ कचहरी का
वह खूनी न्याय
कि यह जंगल और जमीन
अब नहीं है तुम्हारा
वह जमीन जहां
उसके पुरखे जन्में
और मिल गए उसी में समय के बहाव में
जो छीन ली जाएगी उनसे
यह कहकर कि
तुम नहीं साबित कर पाए
इस पर अपना अधिकार
अपने पुरखों का इतिहास
वह रंग रहे हैं
घरों की दीवारों को
दिखाना चाहते हैं
अंधी दुनिया को
अपने घाव, कि
यह जंगल और जमीन
हमारा है
हमारे पुरखों ने सींचा है
इसे
अपने खून से
©सरदार
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