दो भाईयों में राड़ कराणी हो तो उनसे भेदभाव करना शुरू करदो
कुछ ऐसा ही हुआ अंग्रेजों व अंग्रेजों के बाद के भारत में...
राज्यों का सीमांकन
आदिवासी समुदायों का विभिन्न राज्यों में असमान रूप से वर्गीकरण
आदिवासी समुदायों को जातियों में बांटना
आदिवासी समुदायों को धर्म का झुनझुना पकड़वा देना
सामुदायिक राजनैतिक प्रतिनिधित्व करने वाले राजनेताओं को दलगत राजनीति का गुलाम बनाना
आर्थिक रूप से असमानताएं
विभिन्न भौगोलिक, पारिस्थितिक, आर्थिक विषमताओं को दरकिनार करना
और सबसे अहम जो पृथक से पांचवीं और छठवीं अनुसूची की बात की गयी
सीधे सीधे पूर्वोत्तर क्षेत्र के आदिवासियों को, शेष भारत के आदिवासियों से पृथक बना दिया गया
हम सोचते हैं कि आज अगर पांचवीं और छठवीं अनुसूची लग जाए तो कल्याण हो जाए, लेकिन आदिवासी अधिकार केवल एकसमान रूप से आदिवासी माने जाने पर ही सुरक्षित रहेंगे
आदिवासी समुदायों को स्वायत्तता का अधिकार देना
राज्यों की सीमाओं के पार सोचना पड़ेगा
सबकी अपनी अपनी लड़ाई है मगर, हैं सब एक ही पेड़ की शाखाएं...
#आदिवासियत
#Adivasidom
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