Thursday, October 13, 2022

आशियाना

न कोई नोटिस दिया न कोई समझाइश की
बस धड़ाम से गिरा दिया उसका आशियाना
उसे बर्बाद होने की खबर तब लगी
जब अंडो के फूटने और पड़ोसी की गिरने से मौत हुई
कुछ उड़ नहीं पाए
कुछ तो संभल ही नहीं पाए
अंडों को बचाने की चाहत में
खुद भी मारे गए 
तब उन्हें अहसास हुआ
 
लेकिन उनको
कोई नोटिस नहीं मिला
न कोई आखिरी चेतावनी
बस गुर्र्र् गुर्र्र् करती आरी चली
और मिनटों में ही
सालों पुराना पेड़ आकर गिर पड़ा

कुछ मरे पड़े, और घायल पंछियों को देखकर
अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे थे
कि बेजुबानों का घर उजड़ गया...
बेजुबान कहां हैं
कांव कांव टें टें
चीं चीं कर तो रहे हैं वह
अब तुम ही न सुनो तो वह भी क्या करें
तुम्हारी संवेदना तो है कि घर उजड़ गया
लेकिन तुम समझे ही नहीं कि घर को उजाड़ा गया है
वह भी बिना किसी नोटिस के
बिना किसी पंछी की अनुमति के

रूको थोड़ी देर के लिए तुम्हारा रास्ता रोका है गिरे हुए पेड़ ने
ऑह! सॉरी 
काटे गए पेड़ ने... 

देखा! कभी तुम गिरा हुआ पेड़, 
कभी काटा हुआ पेड़ कहते हो
और अभी कुछ देर पहले उसे 
पंछियों का आशियाना कह रहे थे... 
कितनी जल्दी बदल जाते हैं न तुम्हारे लिए 
शब्द 
बहुत वृहद है न तुम्हारा शब्दकोश 
उससे भी कहीं वृहद है तुम्हारी खामोशी 
चलो! 
हट गया है आशियाना 
ऑह! सॉरी 
काटा गया पेड़
बिना किसी नोटिस के
बिना किसी मुआवजे के। 

सरदार
14.10.2022

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